Cryptocurrency : आसान शब्दों में जाने क्रिप्टोकरेंसी क्या है और कैसे काम करता है?

आज की इस डिजिटल दुनिया में करेंसी ने भी डिजिटल रूप ले लिया है, और करेंसी के इस डिजिटल रूप को Digital Currency कहा जाता है। Digital currency का ही एक और रूप है जो आजकल काफी ज्यादा चर्चा में है, जिसे Cryptocurrency के नाम से जाना जाता है। 

Cryptocurrency एक ऐसी डिजिटल करेंसी है जिसकी लोकप्रियता दिन ब दिन बढ़ती जा रही है। आज देश में लाखो लोगो ने क्रिप्टो करेंसी में इन्वेस्ट किया है और यह आंकड़ा दिनों दिन बढ़ता ही जा रहा है। भारत क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने वाले देशो की सूचि में सबसे आगे है।

Cryptocurrency ने काफी कम टाइम में फाइनेंशियल मार्केट में अपना मजबूत पकड़ बनाया है। यह अभी तक का सबसे कम समय में सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाले Investment ऑप्शन में से एक है। 

क्रिप्टोकरेंसी से लोगो ने शेयर मार्किट से भी ज्यादा पैसे कमाए है। मगर यह Cryptocurrency Kya Hai? इसकी लोकप्रियता का कारण क्या है? ये कैसे कार्य करता है? और इसका उपयोग क्यों किया जाता है? आदि बहुते से सवाल है जिनके बारे में हम आज के इस आर्टिकल में विस्तार से बात करने वाले है। 

तो आइये अब बिना गवाए सबसे पहले जानते है कि क्रिप्टोकरेंसी क्या है? (What is Cryptocurrency In Hindi) 

क्रिप्टोकरेंसी क्या है? (What is Cryptocurrency In Hindi) 

क्रिप्टोकरेंसी क्या है? (What is Cryptocurrency In Hindi) 

Cryptocurrency एक वर्चुअल करेंसी है जिसे Cryptography की मदद से secured किया जाता है। Cryptography एक ऐसी तकनीक है जो डेटा की गोपनीयता बरक़रार रखती है। लगभग 90% इंटरनेट वेबसाइटें अपने संवेदनशील डेटा को संभालने के लिए किसी न किसी प्रकार की क्रिप्टोग्राफी तकनीक का उपयोग करती है और Cryptocurrency में भी इसी क्रिप्टोग्राफ़ी तकनीक का उपयोग किया जाता है। 

क्रिप्टोकरेंसी एक decentralized digital money है जो ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित है। Blockchain वह तकनीक है जो किसी भी केंद्रीय बैंक या सरकार द्वारा जारी (फिएट) मुद्राओं की तरह Cryptocurrency को कार्य करने में सक्षम बनाती है।

Blockchain तकनीक द्वारा सत्यापित लेनदेन अपरिवर्तनीय हैं, जिसका अर्थ है कि उन्हें बदला नहीं जा सकता। यह हैकर्स को धोखाधड़ी वाले लेनदेन रिकॉर्ड बनाने से रोकता है।

वर्तमान में 5,000 से भी अधिक विभिन्न क्रिप्टोकरेंसी मौजूद हैं और bitcoin, litecoin, ethereum, solana, polygon आदि क्रिप्टोकरेंसी के कुछ उदाहरण हैं।

Cryptocurrency को virtual currency माना जाता है क्योंकि इसका कोई फिजिकल वजूद नहीं होता। ये unregulated होते हैं। यहाँ unregulated का मतलब है कि इसे कोई भी गवर्नमेंट अथॉरिटी कण्ट्रोल नहीं करती। और चूँकि ये डिजिटल फॉर्म में मौजूद होते है इसलिए इन्हे एक digital currency के रूप में भी जाना जाता है।

क्रिप्टोकरेंसी को डिजिटल वॉलेट में स्टोर किया जाता है। Bitcoin, जिसे 2008 में लॉन्च किया गया था, पहली Cryptocurrency थी, और यह अब तक का सबसे बड़ा, सबसे प्रभावशाली और सबसे प्रसिद्ध क्रिप्टोकरेंसी से एक है। 

क्रिप्टोकरेंसी को आप cryptocurrency exchange के माध्यम से खरीद और बेच सकते है। क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज buyers और sellers के बिच संतुलन बनाने का कार्य करते है। अधिकांश क्रिप्टोकरेंसी केंद्रीय बैंक या सरकार के समर्थन के बिना काम करती हैं। 

क्रिप्टोकरेंसी में काफी कम ट्रांजेक्शन फीस लगती है और इसमें आप जितनी बार चाहे उतनी बार ट्रांजेक्शन कर सकते है इसमें बैंको की तरह ट्रांजेक्शन करने की कोई लिमिट नहीं होती।  

Definition of Cryptocurrency/Meaning of Cryptocurrency In Hindi

Cryptocurrency, जिसे “Crypto” के रूप में भी जाना जाता है एक decentralized डिजिटल करेंसी है जिसका कोई फिजिकल वजूद नहीं होता और न ही इस पर किसी गवर्नमेंट अथॉरिटी का कण्ट्रोल होता है। इसमें क्रिप्टोग्राफ़ी का उपयोग किया जाता है और यह एक्सचेंज के माध्यम के रूप में काम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। 

यह Blockchain technology पर आधार है। Cryptocurrency blockchain, बैंक की बैलेंस शीट या लेजर के समान होता है। प्रत्येक मुद्रा का अपना ब्लॉकचेन होता है, जो उस मुद्रा का उपयोग करके किए गए हर एक लेन-देन का रिकॉर्ड रखता है।

Market capitalization के हिसाब से सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin, Ethereum, Bitcoin Cash और Litecoin हैं। अन्य प्रसिद्ध क्रिप्टोकरेंसी में Tezos, EOS और ZCash आदि शामिल हैं। इनमे से कुछ बिटकॉइन के समान हैं तो कुछ  विभिन्न तकनीकों पर आधारित हैं।

क्रिप्टोकरेंसी अस्तित्व में कैसे आये? / About Cryptocurrency In Hindi

जब दुनिया में कोई करेंसी नहीं थी तब लोग सामान के बदले सामान का लेन देन किया करते थे इसके बाद गोल्ड आया, जिसका उपयोग सामन के लेनदेन के लिए किया जाने लगा। मगर गोल्ड को एक स्थान से दूसरे स्थान लाना ले जाना आसान नहीं था  यदि बहुत सारे गोल्ड को एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाना होता तो इसमें परेशानी होती इसलिए नोट अस्तित्व में आये। 

आज कल यही नोट हमारी मुख्य करेंसी है जिसका उपयोग सामानो के लेनदेन में किया जाता है। लेकिन इन नोटों पर पूरी तरह गवर्नमेंट का कण्ट्रोल है, वो चाहे तो कितने भी नोट छाप सकते है। ऐसे में इस बात को ध्यान में रखते हुए क्रिप्टोकरेंसी अस्तित्व में आये। 

Cryptocurrency एक decentralized डिजिटल करेंसी है जिसका कोई फिजिकल वजूद नहीं होता और चूँकि ये decentralized है इसलिए इस पर किसी गवर्नमेंट अथॉरिटी का कण्ट्रोल नहीं होता। 

क्रिप्टोकरेंसी की वैल्यू कैसे तय होती है?

क्रिप्टोकरेंसी को भले ही हम नोट और सिक्को की तरह प्रिंट नहीं कर सकते, मगर इसकी भी अपनी एक वैल्यू होती है जो की सप्लाई और डिमांड पर निर्भर करती है। यदि मार्किट में किसी क्रिप्टो करेंसी की काफी ज्यादा डिमांड या मांग है और इसकी सप्लाई कम है तो उस क्रिप्टोकरेंसी की वैल्यू बढ़ जाएगी। ऐसे ही यदि किसी क्रिप्टोकरेंसी की सप्लाई ज्यादा है और डिमांड कम है तो उस क्रिप्टो करेंसी की वैल्यू घट जाएगी।  

Cryptocurrency की वैल्यू share market में किसी कंपनी की शेयर वैल्यू की तरह घटती बढ़ती रहती है। क्रिप्टोकरेंसी की वैल्यू Rupee, Dollar, Euro जैसी करेंसी की वैल्यू से कई गुना ज्यादा होती है। इनकी वैल्यू कई हजार रुपयों से लेकर कई लाख रुपयों तक हो सकती है।  

बिटकॉइन, जो की एक लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी है की वैल्यू लाखो में है और इसकी ये वैल्यू समय के साथ सप्पली और डिमांड के मुताबिक घटती बढ़ती रहती है। इसकी value कभी भी स्थिर नहीं रहती। इसमें उतार चढाव होते रहते है। 

क्रिप्टोकरेंसी कैसे काम करती है? (How Does Cryptocurrency Work)

Cryptocurrency को रखने के लिए एक डिजिटल वॉलेट की जरुरत होती है। यह वॉलेट वास्तव में किसी क्रिप्टोकरेंसी को होल्ड नहीं करता लेकिन यह एक एड्रेस प्रदान करता है जिसमे आपके द्वारा इस करेंसी में होने वाले सभी ट्रांसक्शन का रिकॉर्ड स्टोर होता है। 

क्रिप्टोकरेंसी ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी पर कार्य करती है। ब्लॉकचैन आमतौर पर प्रूफ-ऑफ-वर्क (PoW) या प्रूफ-ऑफ-स्टेक (POS)  एल्गोरिदम के माध्यम से कार्य करते हैं। ब्लॉकचेन में कुछ सेट ऑफ़ ब्लॉक होते है जो Cryptocurrency में होने वाले transactions का रिकॉर्ड रखे है (जैसे की ये transactions किसके द्वारा किया जा रहा है और किसके साथ किया जा रहा है)

Transactions का यह रिकॉर्ड पुरे नेटवर्क में विभिन्न नोड या कंप्यूटर में डिस्ट्रिब्यूटेड होता है जिससे इस रिकॉर्ड में हेरफेर करना मुश्किल होता है। यह transactions प्रत्येक नोड द्वारा सत्यापित होता है फिर यह रिकॉर्ड ब्लॉकचेन में स्टोर हो जाता है। 

क्रिप्टोकरेंसी में क्रिप्टोग्राफ़ी का उपयोग होता है जो एन्क्रिप्शन और डेक्रिप्शन की एक तकनीक है। यह डेटा की थर्ड पार्टी या हैकर से सुरक्षा करता है। 

क्रिप्टोकरेंसी, Mining के द्वारा बनाई जाती है और जो माइनिंग का कार्य करते है उन्हें Miners कहा जाता है। माइनिंग में पावरफुल कंप्यूटर का उपयोग जटिल गणितीय समस्याओं को हल करने के लिए किया जाता है। 

Miners, क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। जब भी किसी क्रिप्टोकरेंसी में Transaction होता है तो उस Transaction को सत्यापित करने का कार्य Miners द्वारा Powerful Computers के माध्यम से किया जाता है। और जब Transaction पूरी तरह सत्यापित हो जाती है तब इसका रिकॉर्ड ब्लॉक के रूप में ब्लॉकचेन में जोड़ दिया जाता है। Miners के इस कार्य के लिए उन्हें रिवॉर्ड के रूप में Cryptocoin दिए जाते है। 

क्रिप्टो करेंसी के प्रकार (Types of Cryptocurrency In Hindi)

क्रिप्टोकरेंसी को विभिन्न भागों में बांटा जा सकता है -:

  1. Cryptocurrency or Coin : Bitcoin और Altcoin 
  2. Token 
  3. Stablecoin

1) Cryptocurrency or Coin: Bitcoin और Altcoin 

Coins को, currency के रूप में उपयोग करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इनका अपना स्वयं का Blockchain होता हैं। जो होने वाले लेनदेन का रिकॉर्ड रखता है। उदाहरण के लिए, ईथर Ethereum Blockchain पर आधारित एक क्रिप्टोकरेंसी है।

“Altcoin” ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित एक ऐसी क्रिप्टोकरेंसी जो बिटकॉइन नहीं है। सभी क्रिप्टो करेंसी जो बिटकॉइन नहीं है वो एक सभी एक “Altcoin” है। “Altcoin”  शब्द bitcoin के विकल्प के रूप में उपयोग किया जाता है। Altcoin बिटकॉइन की कमियों को दूर करने के लिए बनाये गए थे। Namecoin, Peercoin, Litecoin (LTC), Ethereum और USD Coin (USDC) altcoins के कुछ उदाहरण हैं।

कुछ क्रिप्टोकरेंसी जैसे की बिटकॉइन सीमित मात्रा में मजूद है जिससे समय के साथ इसकी मांग बढ़ने और सप्लाई सिमित होने के कारण इसकी वैल्यू/प्राइस बढ़ जाती है। बिटकॉइन के निर्माता द्वारा बिटकॉइन की अधिकतम आपूर्ति 21 मिलियन तक सीमित किया गया है।

2) Token

Tokens मौजूदा ब्लॉकचेन पर बनाए जाते हैं लेकिन उन्हें programmable assets माना जाता है जो unique smart contracts के निर्माण और निष्पादन को सक्षम बनाते है। ब्लॉकचेन नेटवर्क के बाहर, इन contracts का उपयोग संपत्ति के स्वामित्व को स्थापित करने के लिए किया जाता है। 

Tokens का उपयोग धन, सिक्के, या किसी डिजिटल संपत्ति का प्रतिनिधित्व करने के लिए किया जाता है। 

NFT (Non-Fungible Token) का उपयोग कला, संगीत, वीडियो और इन-गेम सामग्री जैसी वास्तविक दुनिया की कलाकृतियों का प्रतिनिधित्व करने के लिए किया जाता है।

3) Stablecoins 

Stablecoins वास्तविक दुनिया की संपत्ति जैसे कमोडिटी, फिएट करेंसी (सरकार द्वारा जारी), सोना, या अन्य क्रिप्टोकरेंसी द्वारा समर्थित क्रिप्टोकरेंसी हैं।

Cryptocurrency Examples /Top Cryptocurrency List

दुनिया में 5000 से भी ज्यादा Cryptocurrency मौजूद है लेकिन market capitalization के हिसाब से कुछ लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी निम्नलिखित है -:

CryptocurrencyMarket Capitalization
Bitcoin$711.5 billion
Ethereum$302.6 billion
Tether$78.1 billion
BNB$63.8 billion
USD Coin$49.6 billion
Cardano$35.1 billion
XRP$29.2 billion
Solana$28.8 billion
Terra$20.4 billion
Dogecoin$18.8 billion

नोट -: क्रिप्टोकरेंसी की ये मार्किट कैप समय के साथ कम या ज्यादा हो सकती है। ऊपर दिया गया डेटा अभी वर्तमान समय के हिसाब से है जो फ्यूचर में बदल भी सकती है आप इसका current market cap यहाँ coinmarketcap से देख सकते है।

FAQ – Frequently Asked Questions

Q1. क्या क्रिप्टोकरेंसी लीगल है? (Are cryptocurrencies legal)

चूँकि क्रिप्टोकरेंसी एक decentralized digital currency है इसलिए इस पर किसी भी सरकारी अथॉरिटी का कण्ट्रोल नहीं है। और यदि भारत की बात करे तो अभी तक भारत सरकार ने क्रिप्टोकरेंसी को लेकर कोई बिल पेश नहीं किया है और न ही अभी क्रिप्टोकरेंसी को बैन किया है इसलिए आप अभी भारत में क्रिप्टोकरेंसी में इन्वेस्ट और ट्रेड कर सकते है।

Q2. क्या क्रिप्टोकरेंसी सुरक्षित है? (Is cryptocurrency safe)

क्रिप्टोकरेंसी में क्रिप्टोग्राफ़ी टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जाता है जिससे यह काफी सिक्योर हो जाता है। क्रिप्टोकरेंसी में होने होने वाले ट्रांज़ैक्शन सिक्योर तरीके से होता है इन्हे ट्रेस नहीं किया जा सकता। हालाँकि क्रिप्टोकरेंसी को लेकर अभी तक किसी भी देश द्दारा कोई कानून न होने के कारण ये थोड़ा रिस्की हो जाता है। यदि क्रिप्टोकरेंसी में आपके साथ कोई नुकसान या फ्रॉड होता है तो आप इसकी शिकायत कही नहीं कर सकते। गवर्नमेंट की तरफ से भी आपको कोई सरकारी सहायता नहीं मिलती। तो क्रिप्टोकरेंसी में निवेश आपको अपने रिस्क में करना चाहिए। हालंकि क्रिप्टोकरेंसी में रिटर्न तो काफी अच्छा मिलता है मगर इसमें रिस्क भी उतना ही ज्यादा होता है।

Q3. सबसे महंगी क्रिप्टोकरेंसी कौन सी है?

 सबसे महंगी क्रिप्टो करेंसी बिटकॉइन है।

Q4. सबसे सस्ती क्रिप्टो करेंसी कौन सी है ?

शीबा इनु सबसे सस्ती क्रिप्टो करेंसी है।

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Conclusion

दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हमनें Cryptocurrency के बारे में बात की और जाना कि क्रिप्टोकरेंसी क्या है? (What is Cryptocurrency In Hindi) और क्रिप्टोकरेंसी कितने प्रकार के होते है? (Types of Cryptocurrency In Hindi)

आशा करता हूँ कि आपको Cryptocurrency Kya Hai? के बारे में सारी जानकारी मिल चुकी होगी।

यदि आपको अभी भी Cryptocurrency In Hindi से संबंधित कोई भी अब भी प्रश्न है तो वह आप कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं और यदि आपको ये आर्टिकल पढ़ कर अच्छा लगा हो तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ जो कि क्रिप्टोकरंसी technology में इंटरेस्ट रखते हैं उन्हें जरूर शेयर करें।

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